देहरादून: संयुक्त किसान मोर्चा की डोईवाला के दशहरा मैदान में आयोजित महा पंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के साथ हरियाणा के किसान नेता अभिमन्यु कोहाड, भाकियू के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक, सरदार गुरविंदर सिंह, जगतार सिंह बाजबा के साथ तमाम किसान नेताओ ने मोदी सरकार के द्वारा बनाए गए तीन कृषि कानून को काला कानून बताते हुए उन्हे वापस लेने के लिए यह आंदोलन है जो अनवरत जारी रहेगा। महापंचायत में बोलते हुए वक्ताओं ने कहा की आज तक मोदी सरकार ने किसानों के हित की बात नही की बल्कि किसानों को लड़ाने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपना रही हैं। वक्ताओं ने कहा कि सरकार की नीति और नीयत साफ हो जाए तो एमएसपी गारंटी कानून बनाया जा सकता है।
किसान नेताओ ने भारत सरकार के कृषि कानूनों को कृषि कानून नही काला कानून है जिसे मोदी सरकार को वापस लेना ही होगा। हरियाणा के किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने सयुक्त किसान मोर्चा के द्वारा आयोजित महा पंचायत को संबोधित करते हुए कहा की देवभूमि उत्तराखंड की धरती के किसान भी अब दिल्ली किसान आंदोलन को धार देने का काम कर रहे है। मोदी सरकार को अब समझ जाना चाहिए की किसान आंदोलन बहुत आंदोलन है इसलिए किसानों की मांग को मानना ही होगा वरना आंदोलन भाजपा को मुंह तोड़ जवाब देगा।
गाजीपुर के किसान नेता सरकार समर्थन मूल्य घोषित नहीं कर रही है क्योंकि सरकार अडानी अंबानी की जेब में है उनके व्यापार को बचाने के लिए किसानों को खत्म करने पर तुली हुई है। चौधरी नरेश टिकैत ने कहा की उत्तराखंड के किसानों का भरपूर सहयोग दिल्ली आंदोलन को मिला है लेकिन देवभूमि में भाजपा की सरकार भी किसानों की अनदेखी कर रही है जबकि सरकारों को समझना होगा कि किसान मेहनत से अपनी फसल पैदा करता है इसलिए किसान को अपनी फसल का रेट तय करने का पूरा हक है। कार्यक्रम में डोईवाला सिंघ साहब गुरुद्वारा के प्रधान गुरदीप सिंह ने भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत को सरोपा और तलबार भेंट की। तो वही किसान नेता गुरविंदर सिंह ने टिकैत को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया।








































