ज्योती यादव, डोईवाला। बाल्लावाला के भगवान सिंह कॉलेज में फार्मासिस्ट डे मनाते हुए कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई साथ ही नुक्कड़ नाटक व पोस्टर प्रतियोगिता भी कराई गई। फार्मासिस्ट दवा और औषधि के ज्ञाता होते हैं और दवा केदो में काम करते हैं चिकित्सा क्षेत्र में फार्मासिस्ट का बहुमूल्य योगदान रहता है । फार्मासिस्ट द्वारा नई दवाइयां को तैयार करना उनकी खोज करना विभिन्न प्रकार के टीको का आविष्कार करना तथा बड़ी संख्या में उन्हें बाजार में पहुंचाना फार्मासिस्ट का ही अहम रोल होता है यह नई दवाई के प्रशिक्षण खोज और रिसर्च करते हैं । कोरोना महामारी के दौर में फार्मासिस्टों ने अहम भूमिका निभाई दुनिया भर में फार्मासिस्टों ने कोरोना महामारी में अपनी जान की परवाह न कर लोगों की जान बचाई इसके लिए फार्मासिस्ट को फ्रंटलाइन वर्कर्स कहा जाता है । कॉलेज के वाइस चांसलर ने कहा की फार्मासिस्ट आपात स्थिति में रोगी के लिए देवदूत होते हैं खासकर ग्रामीण इलाकों में फार्मासिस्ट आपातकालीन समय में गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को उचित दवाई देकर उनका तत्काल राहत पहुंचाते हैं । स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट काफी अहम भूमिका निभाते है। फार्मासिस्ट द्वारा नई दवाइयों को तैयार करना, उनकी खोज करना, विभिन्न प्रकार के टीके का आविष्कार करना तथा बड़ी संख्या में उन्हे बाजार में पहुंचाना फार्मासिस्ट का अहम रोल होता है। यह नई दवाई का प्रशिक्षण, खोज और रिसर्च करते हैं। दवाओं को बनाना, उसे सुरक्षित रखना जैसे कार्य इनके कंधे पर होता है।आज महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं व आमजन को जागरूक करने व फार्मासिस्ट की महत्वता को बताने के लिए यह कार्यक्रम किए गए हैं और समय-समय पर इस तरह के कार्यक्रम किए जाते रहते हैं ।








































