देहरादून:उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार आजकल मीडिया के सुर्खियों में हैं। वे अपने ही बयानों में उलझ गए हैं। स्थिति यह हो गई है कि डीजीपी को सोशल मीडिया पर स्पस्टीकरण देनी पड़ रही है। दरअसल, दो दिन पहले उन्होंने मीडिया बातचीत के दौरान कहा था कि अगर कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर देशविरोधी टिप्पणी करता है तो उसे पासपोर्ट बनवाने में दिक्क्क्त आ सकती है। क्योंकि पासपोर्ट सत्यापन में पुलिस उसकी सोशल मीडिया रिकॉर्ड का उल्लेख करते हुए रिजेक्ट कर सकती है। इस बयान के अगले ही दिन विवाद शुरू हो गया। लोगों ने अभिव्यक्ति की आजादी पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। साथ ही बिना कोर्ट के डिसीजन किसी व्यक्ति को आरोपी सिद्ध करने पर भी सवाल उठने लगे थे। ऐसे में डीजीपी अशोक कुमार के फेसबुक पेज पर स्पष्टीकरण दिया जा रहा है कि ये नियम पहले से लागू है।
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