Doon News – Local Hindi News Portal of Uttarakhand

पुलिस ने तुरंत लिया होता एक्शन तो शायद बच जाती 5 साल के बच्चे की जान !

The police would have taken action immediately, it would have saved the life of a 5-year-old child

देहरादून : बता दें की बीते दिनों सहसपुर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था जिन्होंने देहरादून के व्यापारी के बेटे का पहले तो अपरहण किया और फिरौती मांगी। दो आरोपियों ने बच्चे को पत्थर से कुचलकर मार डाला औऱ शव को सहारनपुर के देवबंद में फेंक दिया। पुलिस ने दोंनों की निशानीदेह पर बच्चे का शव झाड़ियों से बरामद किया।

मामले को लेकर डीआईजी नीरु गर्ग एक्शन में

वहीं इस मामले को लेकर डीआईजी नीरु गर्ग एक्शन में आ गई हैं। जी हां खबर है कि इसमे पुलिस ने लापरवाही बरती अगर पुलिस ने शिकायत के बाद तुरंत एक्शन लिया होता आज 5 साल का बच्चा जिंदा होता। वही बता दें कि इस मामले को लेकर डीआइजी गढ़वाल रेंज नीरू गर्ग ने पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट मांगी है। उनका कहना है कि मामले में लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने जानकारी दी कि 9 मार्च को शाम 5.30 बजे बच्चा घर के बाहर खेल रहा था और अचानक गायब हो गया। इसके दो घंटे बाद अपहरणकर्ताओं ने फिरौती के लिए फोन भी किया था। इसके बावजूद पुलिस ने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट देरी से दी। डीआइजी गढ़वाल रेंज नीरू गर्ग ने बताया कि अगर 7.30 बजे फिरौती के लिए फोन आ गया था तो पुलिस को इसे गंभीरता से लेना चाहिए थाअपहरणकर्ताओं के अनुसार उन्होंने रात में बच्चे का गला दबाकर उसकी हत्या की तो इस बीच पुलिस के पास काफी समय था। पुलिस अगर तुरंत एक्शन मोड में आती तो आरोपितों को दबोचा जा सकता था।

शंकरपुर निवासी किराना व्यापारी पप्पू गुप्ता का पांच साल का बेटा अभय मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे घर के बाहर से खेलते हुए रहस्यमय परिस्थिति में गायब हो गया था। स्वजन उसे तलाश रहे थे कि करीब दो घंटे बाद पप्पू गुप्ता के फोन पर बेटे के अपहरण और दस लाख रुपये की फिरौती के लिए कॉल आई। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल शुरू की। बुधवार सुबह पुलिस ने आरोपित अनीस सलमानी निवासी ग्राम बड़ा रामपुर सहसपुर वर्तमान निवासी जमनपुर सेलाकुई व अनीस निवासी अमरगढ़ जिला सिरमौर हिमाचल प्रदेश को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने अपहरण के बाद बच्चे की हत्या कर शव को देवबंद में फेंकने की बात कबूल की थी।

Exit mobile version