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7 महिने से आंदोलन पर बैठे किसान, आज निकालेंगे ट्रैक्टर रैली

Farmers sitting on this movement for 7 months, today will take out tractor rally

दिल्ली के बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों के आंदोलन को आज सात महीने पूरे हो रहे हैं। सात महीने पूरे होने पर किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालने का फैसला किया है। इस बीच खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली पुलिस के साथ ही अन्य एजेंसियों को अलर्ट किया कि पाक स्थित आईएसआई से जुड़े लोग किसान आंदोलन को निशाना बना सकते हैं।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रेस प्रभारी शमशेर राणा ने बताया कि उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों से करीब 500 ट्रैक्टर ट्रॉली में किसान पहुंचे हैं। शनिवार को लगभग एक हजार ट्रैक्टर आने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने एलान किया कि हर 26 तारीख को और हर दसवें दिन किसान ट्रैक्टर रैली लेकर गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचेंगे। उत्तर प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह ने कहा कि पूरा प्रदेश ट्रैक्टर रैली के लिए तैयार बैठा है और बड़े जोर शोर से तैयारियां चल रही हैं।

तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसान आंदोलन को शनिवार को सात महीने पूरे हो जाएंगे। दिल्ली की सीमाओं पर अपनी मौजूदगी का अहसास दिलाने के लिए किसानों की ओर से गाजीपुर बॉर्डर पर ट्रैक्टर रैली निकाली जाएगी। इसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल हो सकते हैं। शुक्रवार को गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों की काफी भीड़ रही। जहां पिछले कई दिनों से गिनती के लोग नजर आ रहे थे। वहां दोपहर बाद एक के बाद एक कई ट्रैक्टर और टॉलियां आईं। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश चौधरी टिकैत भी पहुंचे। उन्होंने यहां किसानों के लिए पानी की स्थाई टंकी के निर्माण कार्य को देखा और बॉर्डर पर मौजूद सभी किसानों से मिले और उनका हालचाल जाना। राकेश टिकेत ने कहा कि शनिवार 26 जून को बॉर्डर पर ट्रैक्टर रैली निकाली जाएगी। जिसकी तैयारियां शुक्रवार रात तक पूरी हो जाएगी।

भाकियू प्रवक्ता ने कहा कि पिछले साल लागू किए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ उनके आंदोलन के 26 जून को सात महीने पूरे हो जाएंगे। यह आंदोलन आठवे महीने में प्रवेश करेगा। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के किसानों सहित बड़ी संख्या में कृषक गाजीपुर बॉर्डर समेत दिल्ली की सीमाओं पर पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को हल्के में लेने की भूल न करे। किसानों का यह आंदोलन कानूनों की वापसी तक चलता रहेगा।

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