नई दिल्ली, एएनआइ। कांग्रेस जल्द ही नए पार्टी अध्यक्ष का चुनाव करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने यह जानकारी देते हुए कहा कि पार्टी अध्यक्ष पद के लिए सबसे उपयुक्त कौन है इसके लिए कांग्रेस के भीतर चुनाव होगा। इलेक्टोरल कॉलेज, AICC के सदस्य, कांग्रेस कार्यकर्ता और सदस्य चुनेंगे कि कौन कांग्रेस अध्यक्ष के लिए सबसे उपयुक्त कौन है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस में मुझे मिलाकर 99.9 फीसद लोग चाहते हैं कि राहुल गांधी को पार्टी नया अध्यक्ष चुना जाए।
Party will soon start the procedure to elect a new party president. Electoral college of Congress, AICC members, Congress workers & members will choose who's best suited. 99.9% of people including me want Rahul Gandhi to be elected as party president: Randeep Surjewala, Congress pic.twitter.com/FHlybFgcKK
— ANI (@ANI) December 18, 2020
वहीं सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के नए अध्यक्ष के चुनाव की तारीख के एलान से पहले सोनिया गांधी संगठन चुनाव में उठापटक और विद्रोह जैसी स्थिति थामने के लिए सभी वरिष्ठ नेताओं को भरोसे में लेने के लिए उनके साथ बैठक करेंगी। इन बैठकों में सरकार को घेरने के समले पर भी मंत्रणा होगी। बताया जाता है कि इन बैठकों का सिलसिला 19 दिसंबर से शुरू होगा। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर पत्र लिखने वाले पार्टी के असंतुष्ट 23 नेताओं में शामिल कुछ नेताओं को भी बातचीत के लिए बुलाया गया है। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव जनवरी के आखिर में प्रस्तावित है। रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) से लेकर तमाम नेताओं के बयानों से साफ है कि राहुल गांधी को दोबारा कांग्रेस की कमान सौंपने की तैयारी की जा रही है। वैसे देखना यह होगा कि असंतुष्ट गुट के नेता गांधी परिवार से अध्यक्ष चुने जाने के मसले पर क्या रुख अख्तियार करते हैं। सूत्रों ने बताया कि पार्टी चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री संगठन चुनाव में मतदान करने वाले एआइसीसी सदस्यों का डाटा बेस और पहचानपत्र लगभग तैयार कर चुके हैं। बीते दिनों दिग्गज कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा था कि वह गांधी परिवार के खिलाफ नहीं हैं। हालांकि वह यह बात याद दिलाना नहीं भूले थे कि खुद राहुल ने लोकसभा चुनाव के बाद इस्तीफा देते समय कह दिया था कि वह अध्यक्ष नहीं बनना चाहते हैं और यह भी नहीं चाहते कि गांधी परिवार का कोई सदस्य यह जिम्मेदारी ले। सिब्बल ने दो-टूक सवाल उठाया था कि मैं पूछना चाहता हूं कि राहुल के इस्तीफे और उनकी इस बात के करीब डेढ़ साल बाद भी कोई राष्ट्रीय पार्टी इतने लंबे वक्त तक बिना अध्यक्ष के कैसे काम कर सकती है।

